संभोग का मन न होना


आज के समय में जीवन बहुत अधिक भागदौड़ वाला हो गया है| हर कोई इतना काम कर रहा है की उसे अपनी पर्सनल लाइफ के लिए समय ही नहीं है| वो केवल और केवल कम कर रहा है| ऐसे में सेक्स से अरुचि होने लग जाती है, सेक्स से इन्सान दूर भागने लगता है और उसका सेक्स में दिल नहीं लगता है| इसे कहते है सेक्सुअल अवर्शन डिसऑर्डर यानी की सेक्स में अरुचि|
इसकी वजह-
  • बहुत अधिक काम
बहुत अधिक काम इसकी सबसे पहली वजह निकलकर सामने आती है| एक पार्टनर जब पूरा दिन काम करता है तो वो शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से थक जाता है और ऐसे में वो सेक्स के बारे में सोचना ही छोड़ देते है| डिसऑर्डर की ये एक बहुत बड़ी वजह है|
  • शारीरिक कमजोरी
जब एक पार्टनर को कोई शारीरिक कमजोरी होती है या फिर सेक्स करने में हिचक होती है तो वो सेक्स से दूर भागता है| लिंग में उत्तेजना का ना होना, वीर्य का ना निकलना आदि ये वजहे है जिनसे इन्सान सेक्स से भागने लगता है|
सेक्स के दौरान ये बहुत जरूरी है की आपका पार्टनर आपको पसंद आये और उसमे आपकी रूचि हो और तभी सेक्स बेहतर हो सकता है| लेकिन जब आपकी रूचि पार्टनर में नहीं होती है तो आपको सेक्स से दूर भागने का मन करता है और आप इसे करने से कतराते है| कई बार आपकी पार्टनर हाइजीन नहीं होती है जिस वजह से आप सेक्स से दूर भागने लगते है|
इलाज-
  • डॉक्टर से मिले
आज के समय में ऐसे बहुत सारे डॉक्टर्स है जो की इस मामले में इलाज कर रहे है| ऐसे डॉक्टर्स काउंसलिंग करते है और पता करते है की किस वजह से आपकी रूचि सेक्स में नहीं है और फिर वो आपका इलाज करते है| अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो आप डॉक्टर से मिले और अपनी बात उनके सामने रखे|

  • रोमांस में ध्यान दे
अगर आपका मन सेक्स में नहीं लग रहा है तो आप रोमांस में ध्यान दे| रोमांटिक फ़िल्में देखे, किताबे पढ़े और खुद को ऐसे माहौल में रखे और इसके बाद आपमें कही न कही बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा जो की आपको सेक्स की तरफ खीच ले जाएगा और अपने पार्टनर के साथ सेक्स के लिए तैयार हो जाएगे|
कुछ मामलों में पुरुष कितनी भी मेहनत कर ले, स्त्री को रुचि पैदा नहीं होती। इसके पीछे एक खास वजह यह होती है कि स्त्री की अनिच्छा होते हुए भी उसकी शादी कर दी जाती है। जिस पुरुष से उसकी शादी की जाती है, उसके प्रति उसे बिल्कुल आकर्षण नहीं होता। ऐसे मामलों में सुधार लाना मुश्किल है।

शारीरिक कारण
कामेच्छा जाग्रत न होने का कारण शारीरिक भी हो सकता है और मानसिक भी, हालांकि शारीरिक कम और मानसिक ज्यादा होता है। कई बार हॉर्मोंस के असंतुलन (इसका लक्षण पीरियड्स की गड़बड़ी हो सकती है) की वजह से भी कामेच्छा में कमी हो सकती है, लेकिन इतनी नहीं, जितनी आप बता रहे हैं।

मानसिक समस्या
कई मामलों में महिला को डिप्रेशन होता है। इसके लक्षणों में प्रमुख हैं: नींद देर से आना और सुबह जल्दी उठ जाना, भूख न लगना, मन उदास रहना, बात करते-करते रोने लगना, किसी भी चीज में मन न लगना। ऐसे में ऐंटिडिप्रेसेंट दवाएं कारगर हो सकती हैं। ये दवाएं दो-तीन हफ्ते लेने के बाद ही असर दिखाती हैं। दूसरी मानसिक समस्या है पर्सनैलिटी डिस्ऑर्डर जैसे स्किजोफ्रेनिया (schizophrenia) आदि। इसमें व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार होता है। उसकी कामेच्छा खत्म हो जाती है। इसमें किसी सायकायट्रिस्ट से मिलकर इलाज कराना चाहिए। यह ठीक हो जाता है, हालांकि इसमें लंबे समय तक दवाएं लेने और काउंसलिंग की जरूरत होती है।

व्यावहारिक कारण
कई बार पति का कोई ऐसा बर्ताव होता है, जिसकी वजह से स्त्री सहवास से विमुख हो जाती है। मसलन तंबाकू की दुर्गंध, पसीने की बदबू आदि। ऐसे में सही काउंसलर दोनों का मानसिक और शारीरिक इतिहास जानकर दोनों को सही सुझाव दे सकता है। सुझाव के शुरुआत में sensate focus एक्सर्साइज बताई जाती है, जिसमें सहवास पर पाबंदी लगाई जाती है और बातचीत व स्पर्श को तवज्जो दी जाती है। इस एक्सर्साइज में एक पार्टनर दूसरे को अपनी पसंद और नापसंद के बारे में बताता है, जिससे उसके पार्टनर को यह पता चल जाए कि उत्तेजना के लिए उसे क्या पसंद है और क्या नापसंद। जब आप पत्नी की पसंदीदा चीजें करेंगे तो जाहिर है, उन्हें आनंद आएगा और वह सेक्स में ज्यादा रुचि लेंगी।

क्या करें
आपको अपनी पत्नी के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए क्योंकि सहवास का पर्याय है बातचीत। किसी ऐसे सायकायट्रिस्ट से मिलना चाहिए, जिसके पास सेक्शुअल डिस्फंक्शन से संबंधित ट्रेनिंग हो। ऐसे मामलों में डॉक्टर या काउंसलर अपने मत को मरीज के ऊपर न थोपें।